खुशखबरी: बिहार का पीएमसीएच बनेगा विश्व का सबसे बड़ा अस्पताल, होंगे 500 बेड

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पटना: देश ही नहीं बल्कि विश्व का सबसे बड़ा अस्पताल होगा पीएमसीएच। इसमें 5000 बेड होंगे। अभी विश्व में सबसे अधिक बेड वाला अस्पताल जोहांसबर्ग का क्रिस हैनी बरागवनाथ हॉस्पिटल है। इस अस्पताल में बेड की संख्या 3400 है। जबकि, देश में सबसे अधिक 2800 बेड का अस्पताल अहमदाबाद का सिविल हॉस्पिटल है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को 1 अणे मार्ग में पीएमसीएच को अत्याधुनिक अस्पताल के रूप में विकसित करने का प्रेजेंटेशन देखा।

मुख्यमंत्री ने इसमें कुछ संशोधन की सलाह दी है जिसे दस से पंद्रह दिन में दिन में ठीक कर लिया जाएगा। इसके निर्माण पर अनुमानित 1200 करोड़ रुपए खर्च होंगे। यहां हेलीकॉप्टर उतरने के लिए हेलीपैड की भी व्यवस्था होगी। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने बताया कि पहले चरण का निर्माण कार्य इसी साल शुरू होगा।

3 चरणों में तैयार होगा अस्पताल

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पीएमसीएच को तीन चरणों में बहुमंजिली अत्याधुनिक अस्पताल के रूप में विकसित किया जाना है| प्रथम चरण में इसकी क्षमता 2,100 बेड की होगी, दूसरे चरण में 1,600 अतिरिक्त बेड जोड़े जाएंगे जबकि तीसरे चरण में 1,300 अतिरिक्त बेड जोड़े जाएंगे|

तीसरे चरण के अंतिम तक पीएमसीएच की कुल क्षमता 5,000 बेड के अस्पताल के रूप में हो जाएगी|

ग्रीन बिल्डिंग कॉम्पलेक्स

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पीएमसीएच में ग्रीन बिल्डिंग कॉम्पलेक्स भी होगा और इसके निर्माण में बेस आइसोलेशन टेक्नोलॉजी का प्रयोग किया जाएगा| अत्याधुनिक तौर पर विकसित होने के बाद पीएमसीएच 4 स्टार रेटेड कॉम्पलेक्स बन जाएगा|

प्रस्तुतिकरण के बाद नीतीश कुमार ने बताया कि पीएमसीएच को विकसित करने की योजना अच्छी है, उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि पीएमसीएच में आवासीय परिक्षेत्र एक जगह पर ही बनाने की जरूरत है जिससे पैरामेडिकल स्टॉफ, नर्सिंग स्टॉफ, डॉक्टर इत्यादि के रहने की व्यवस्था हो| उन्होंने कहा कि अस्पताल और आवासीय क्षेत्र के अलग-अलग होने से मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी|

मुख्यमंत्री ने यह भी सुझाव दिया कि आवासीय परिक्षेत्र के लिए साउंडप्रूफ तकनीक का इस्तेमाल किया जाए ताकि किसी भी तरह के शोरगुल से बचा जा सके और मरीजों को किसी तरह की कोई परेशानी ना हो| उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि पीएमसीएच की बिल्डिंग भूकंपरोधी और फायर प्रूफ होनी चाहिए| साथ ही बिल्डिंग के निर्माण हो जाने के बाद इसके रखरखाव पर पूरा ध्यान दिया जाए|

स्वास्थ्य विभाग की ओर से दिए गए इस प्रस्तुतिकरण के दौरान मुख्यमंत्री के अलावा राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे और मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह भी मौजूद थे|

सीएम ने कहा- दिल्ली एम्स जैसी सुविधाएं दीजिए, पैसे की चिंता नहीं

मुख्यमंत्री ने आईजीआईएमएस के निदेशक डॉ. एनआर विश्वास से कहा कि दिल्ली एम्स के नजदीक पहुंचिए उससे अधिक पैसे देंगे। भरोसा रखिए। पैसे की चिंता मत कीजिए। जहां जितने पैसे की जरूरत होगी, उतना मिलेगा। ऐसी व्यवस्था करें कि जो भी मरीज आए, उसका इलाज हो जाए। कहा- इलाज के साथ लोगों को बीमारियों के प्रति जागरूक भी करें। जीवनशैली व खानपान ठीक रखें तथा खुले शौच से मुक्ति व शुद्ध पीने का पानी मिले तो 90 फीसदी बीमारी होगी ही नहीं। मुख्यमंत्री ने इलाज के साथ राज्यव्यापी जागरुकता अभियान चलाने की सलाह दी, ताकि लोगों को इलाज की जरूरत ही नहीं पड़े।

आईकॉनिक भवन बने

मुख्यमंत्री ने परामर्श दिया कि प्रस्तावित भवन एक आइकॉनिक बिल्डिंग होगा। निर्माण कंपनी को इस बाबत अपनी विशेष जिम्मेदारी समझनी होगी। भवन बनने के बाद उसका रख रखाव एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। इसका पूरा ध्यान रखा जाए।

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