जेल में रह भोजपुरी सीख गया अफ्रीकी, रिहाई के बाद बोला- हमरा दिल्ली जायके बा

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पटना: झारखंड के साइबर क्राइम के मामले में जेल में तीन साल की सजा काट एक अफ्रीकी अब हिंदी और भोजपुरी बोलने लगा है। बुधवार को उसकी जेल से रिहाई हुई है। रिहाई के बाद उसे रांची पुलिस को तब तक के लिए सौंप दिया गया, जब तक उसे घाना भेजने के लिए दूतावास स्तर से कार्रवाई पूरी नहीं हो जाती है। रांची के कोतवाली थाने में एक अफ्रीकी को भोजपुरी बोलता सुन थाने में मौजूद हर शख्स हैरान रह गया।

दरअसल, एमानुएल को लगा कि थाने में कोई उसकी भाषा नहीं समझेगा। इसलिए उसने जेल में कैदियों के साथ रहकर सीखे गए भाषा को थाने में बोला था कि थाने के लोग उसकी बात को समझ सके। थाने में एमानुअल लगातार कोशिश कर रहा था कि उसे दिल्ली जाने दिया जाए।

पहला विदेशी साइबर अपराधी जिसे मिली सजा
कोतवाली थाना प्रभारी श्यामानंद मंडल ने बताया कि एमानुएल 3 साल से साइबर अपराध की सजा काट रहा था। एमानुएल झारखंड राज्य का पहला विदेशी साइबर अपराधी है जिसे सजा दिलवाई गई थी। थाना प्रभारी के अनुसार 3 साल रांची जेल में रहने के दौरान उसकी दोस्ती कई ऐसे क्रिमिनल से हुई जो झारखंड के भोजपुरी बोले जाने वाले क्षेत्रों से आते हैं। उन्हीं से एमानुएल ने भोजपुरी सीखी।

थानेदार ने यह भी बताया कि जेल में रहने के दौरान उसे बातचीत में काफी दिक्कत हुआ करती थी। इसके साथ ही जेल के कैदी उसकी भाषा को नहीं समझ पाते थे। यही वजह है कि उसने हिंदी और भोजपुरी भाषा सीख ली, इससे उसे तीन साल जेल में रहने के दौरान काफी सहूलियत हुई। पुलिस के अनुसार एंबेसी से जैसे ही हरी झंडी मिलेगी, एमानुअल को रांची से दिल्ली भेज दिया जाएगा।



2014 में हुई थी सजा

घाना का रहने वाला एमानुएल ओनियेका ओकपारा को वर्ष 2014 में सजा हुई थी। उसके बाद उसे अगस्त 2014 में बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल में भेजा गया था। सितंबर 2017 में ही उसका तीन साल की सजा समाप्त हो गई थी। बुधवार को जब वह रिहा हुआ तो उसे घाना भेजने के लिए एंबेसी (दूतावास) से संपर्क किया गया। लेकिन एंबेसी की कार्रवाई पूरी नहीं होने की वजह से उसे फिलहाल कोतवाली थाने में ही मेहमान की तरह रखा गया है।

कोतवाली थाना प्रभारी ने बताया कि एमानुएल अब लोगों को देख कर टेम्पर पर हो जा रहा है। इस वजह से उसे थाने से हटाकर एक सुरक्षित जगह पर रखा गया है ताकि उसको कोई नुकसान ना पहुंचे। थाने में भीड़ अधिक होने की वजह से वह असहज महसूस कर रहा था। क्योंकि वह विदेशी है और फिलहाल मेहमान के रूप में उसे यहां रखा गया है, इसलिए उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी हमारी है।

Source: etv bharat bihar

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