पप्पू यादव ने खेली ‘ब्लैक होली’, कूद पड़े छात्रों की लड़ाई में, 4 मार्च को जाम करेंगे रेल-रोड

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स्टाफ सेलेक्शन कमीशन यानी एसएससी के पेपर लीक हो जाने के बाद छात्रों का गुस्सा सातवें आसमान पर है. खूब विरोध हो रहा है. पिछले तीन दिनों से चल रहे प्रदर्शन में छात्रों ने पेपर लीक होने पर आरोप लगाते हुए एसएससी की परीक्षा में बड़े स्तर पर हो रही गड़बड़ी की सीबीआई जांच कराने की मांग की है. ताकि पेपर लीक में जो भी दोषी शामिल हैं उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सके. बता दें, एसएससी की आयोजित सीजीएल 2017 के टियर 2 की परीक्षा के प्रश्न पत्र और ‘आंसर की’ लीक हो गई थी. जिसके बाद छात्रों ने प्रदर्शन करना शुरू कर दिया. अब मधेपुरा सांसद पप्पू यादव भी इस लड़ाई में छात्रों के साथ आ गए हैं. सीधे छात्रों की लड़ाई लड़ने के लिए उनके साथ सड़क पर पहुंच गए.

पप्पू यादव ने इस बात को सबसे शेयर किया है अपने फेसबुक पेज पर. उन्होंने लिखा है कि विश्वास है, आप सबों ने अच्छे ढंग से होली खेली होगी. आज मैं दिल्ली में हूं. सबसे पहले अपने सेवाश्रम में रह रहे सैंकड़ों मरीजों के साथ सह भोज में शामिल हुआ. आगे मैंने महसूस किया कि जब SSC घोटाले को लेकर देश के हजारों छात्र दिल्ली में सड़कों पर बड़ी लड़ाई लड़ रहे हों, तो लाल-पीले रंग की होली मैं कैसे खेल सकता. सीधे सड़क पर लड़ाई लड़ रहे छात्रों के बीच पहुंचा. बिना इनकी बात सुने लड़ाई को पुलिस की लाठी से कुचले जाने को रोकने को दीवार की तरह खड़ा हो गया. फिर रोजगार विरोधी सरकार के खिलाफ ब्लैक कलर की होली खेली.


एसएससी में 2013 से खेल चल रहा है. हरियाणा का गैंग सक्रिय है. प्रत्येक साल पर्चा आउट होता है. आगे सभी दूसरे प्रदेशों के अभ्यर्थी बर्बाद कर दिए जाते हैं. यह अब मंजूर नहीं है. नौजवान लड़ने को निकल पड़े हैं. दिल्ली में बड़ी लड़ाई चल रही है. हम उनके साथ हैं. यह आंदोलन बिहार भी पहुंचेगा. कारण, कि सर्वाधिक मार बिहार के अभ्यर्थियों को ही पड़ी है. हमारी पार्टी जन अधिकार पार्टी (लो) ने 4 मार्च को एसएससी घोटाले के खिलाफ बिहार में रेल-रोड जाम का फैसला किया है. आप सभी अवश्य सहयोग करें. यह घोटाला आपके रोजगार को छीन रहा है.

आंदोलन स्थल पर ज्ञात हुआ कि लड़ाई लड़ रहे छात्रों के पास दिल्ली पुलिस खाना पहुंचने नहीं दे रही है. हमने कहा है कि जितने भी सौ आंदोलनरत छात्र आज 2 मार्च को होली की रात आंदोलन स्थल पर होंगे, खाना मेरे घर से जाएगा. जिसे रोकना है, आगे आए, देख लेंगे. मुझे विश्वास है कि आप सभी इस बात से सहमत होंगे कि लाल-पीले रंग की होली न खेलकर मैंने ठीक किया है और रोजगार विरोधी सरकार के खिलाफ नौजवान लड़ाकों के साथ ब्लैक होली ठीक है.

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