बिहार : बुलंद हौसले ने दिलायी कामयाबी, पिंकी अब धड़ल्ले से पटरी पर दौड़ा रही ट्रेन, जानें

0
989
जब कोई इंसान किसी चीज को करने की ठान ले और उसे पाने के लिए जी तोड़ मेहनत करे, तो उसे जीवन में कामयाबी जरूर हासिल होती है. सहरसा में करीब ढाई साल से पदस्थापित महिला रेल चालक पिंकी को खुद की पहचान दिलाने में सफलता मिली है.
गया जिले के एक साधारण किसान किशोरी चौधरी के घर पैदा हुई पिंकी ने पिता का सहारा बनने की ठानी. पिंकी के पिता आज जब यात्रियों से भरी ट्रेन को ले जाते अपनी बिटिया को देखते हैं तो गर्व से उनका भी सीना चौड़ा हो जाता है. दिसंबर, 2015 में जब पिंकी ने अपनी पहली ज्वाइनिंग सहरसा में एक महिला सह चालक के तौर पर की थी. पिंकी शुरू में असहज भी हुई, लेकिन हौसले ने उसके सपनों में पंख लगा दिये.
आज पिंकी बेहिचक ट्रेन को अपने गंतव्य स्थान तक ले जाती ले आती है. मंगलवार को पिंकी जब जयनगर से सहरसा तक जानकी एक्सप्रेस ट्रेन को लेकर पहुंची, तो जो लोग पहली बार महिला चालक को इंजन पर देख रहे थे. डिजिटल लॉबी क्रू नियंत्रक अशोक कुमार ने कहा कि एक लड़की होकर पिंकी हमेशा जिम्मेदारी से अपना काम करती है. जयनगर को छोड़ कहीं भी महिला चालक के लिए अलग से रनिंग रूम नहीं रहने के कारण चारों ओर ट्रेन

परिचालन के लिए भेजना मुश्किल हो जाता है

साभार-प्रभात खबर

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here